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संस्थान गीत - रुड़की काॅलेज
आॅफ इंजीनियरिंग, रुड़की

जय जय जय संस्थान महान,
गौरव यह अभियांत्रिकी का,
और देष की शान जय जय जय
जय जय जय

सुरसरि के पावन तट पर,
शैल मंडित इस धरा पर।
उड़ विज्ञान के नव पंखो पर,
नव युग का अभियान
जय जय जय

आत्म गौरव राष्ट्र निष्ठा,
विष्व भर में हो प्रतिष्ठा।
कर्म कौषल और सष्जन का,
लाया नया विहान
जय जय जय

हुआ उन्वित प्रथम सूर्य
अभियांत्रिकी का ले तूर्य
उसी श्रृंखला का शंखनाद
बनें ये संस्थान पहचान
जय जय जय

विधुत यांत्रिकी हेतु अर्पण,
ज्ञान सौरभ को समर्पण।
भू मण्डलीय चेतना दर्पण,
नव क्रान्ति आव्हान।।
जय जय जय

‘ज्ञानं परमं बलम्’ सर्वत्र का,
योगा कर्मस्य कौषलम् का।
उद्गम भू चर्तुपुरुषारर््िं का,
राष्ट्र का सम्मान
जय जय जय

सर्वत्र, सर्वश्रेष्ठ ध्येय
कर्मठता, त्याग शुचेय
स्वप्न आलोकित गेय
विष्व में हो कीर्तिमान जय जय जय